बेलारूस के राष्ट्रपति एलेक्ज़ेंडर लुकाशेंको ईरान पहुंचे हुए हैं जहाँ उन्होंने राष्ट्रपति सय्यद इब्राहीम रईसी और अन्य अधिकारियों के साथ ही ईरान की इस्लामी क्रांति के सुप्रीम लीडर हज़रत आयतुल्लाह ख़ामेनई से मुलाक़ात की.
आयतुल्लाह ख़ामेनई ने अमेरिका की अमानवीय और ग़ैर क़ानूनी पाबंदियों का ज़िक्र करते हुए कहा कि हमारा मानना है कि इन ग़ैर क़ानूनी और ग़ैर इंसानी पाबंदियों का सामना करने के लिए पीड़ित देशों को एकजुट होकर काम करा चाहिए और अपना एक संगठन बंनकर इस हथकंडे को नाकाम बनाना चाहिए और ईरान को यक़ीन है कि यह काम हो सकता है.
लुकाशेंको और उनकी टीम के साथ मुलाक़ात करते हुए आयतुल्लाह ख़ामेनई ने कहा कि दोनों देशों के रिश्तों और मज़बूती दी जा सकती है और दोनों देश आपसी सहयोग की सतह को और आगे ले जा सकते है.
ईरान और बेलारूस के बीच साझा बातों का ज़िक्र करते हुए हज़रत आयतुल्लाह ख़ामेनई ने कहा कि दोनों देशों के बीच एक साझा चीज़ अमेरिका और यूरोपीय देशों के ग़ैर इंसानी प्रतिबंध हैं. हमारा मानना है कि अमेरिकी पाबंदियों का शिकार देशों को मिलकर एक दुसरे का साथ देना चाहिए और अपना एक ब्लॉक बनाते हुए इस हथकंडे को नकारा बना देना चाहिए और यह काम मुमकिन है.
ईरान के खिलाफ साम्राज्यवादी शक्तियों की पाबंदी का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस्लामी इंक़ेलाब के फ़ौरन बाद से ही ईरान के खिलाफ अमेरिका और यूरोप ने ग़ैर क़ानूनी और ग़ैर इंसानी पाबंदियां थोप दीं. लें इन्हीं पाबंदियों ने हमे अपनी आंतरिक ताक़त, अपनी सलाहियतों और क्षमताओं का पहचानने और आगे बढ़ने का मौक़ा दिया और ईरान ने साइंस और टेक्नोलॉजी, मेडिकल और बायोलॉजी के साथ साथ एयर स्पेस, न्यूक्लियर, और नैनो तकनीक में हैरत अंगेज़ तरक़्क़ी की.
वहीँ ईरान और बेलारूस ने रोड ट्रांसपोर्ट प्रोटोकॉल में बदलाव, कारोबार और कल्चरल सहयोग को बढ़ाने के लिए कम से कम 8 समझौतों पर दस्तखत किये .